रांची, मार्च 21 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वेटरनरी कॉलेज में अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत आयोजित तीन दिवसीय कुक्कुट प्रजनन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें चतरा जिले के 25 किसानों ने वैज्ञानिक बैकयार्ड मुर्गी पालन के गुर सीखे। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने उन्नत आवास प्रबंधन, संतुलित आहार, टीकाकरण और पोल्ट्री उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर विस्तृत जानकारी दी। अनुसंधान निदेशक डॉ. पीके सिंह और डीन डॉ. एमके गुप्ता ने ग्रामीणों की आय बढ़ाने में वैज्ञानिक पशुपालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रत्येक किसान को झारसीम नस्ल के 50 चूजे, फीडर, वाटरर और आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। संचालन प्रधान अन्वेषक डॉ. रवींद्र कुमार के नेतृत्व में किया गया।

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