भागलपुर, अगस्त 2 -- बलराम मिश्र भागलपुर। सबौर स्थित बिहार कृषि विवि (बीएयू) की तरफ से बिहार के विभिन्न जिलों के गांवों की स्थिति सुधारने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत बीएयू कुछ चिह्नित गांवों को उत्पाद विशेष स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करेगा। इसका उद्देश्य गांव को अपनी पहचान देना है, ताकि गांव के नाम से उत्पादों की पहचान लोगों को मिल सके। इसे आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, बाजार एवं सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों की आजीविका पर सीधा असर दिखे। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने बताया कि इसी के तर्ज पर सन्हौला प्रखंड के रमासी गांव को सिंदूर गांव के रूप में तैयार किया जा रहा है。

ड्रैगन फ्रूट (कमलम) और जर्दालू के लिए भी गांव होंगे चिह्नित सिंदूर की तरह ह...