कानपुर, मार्च 26 -- मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पूजन और दिव्य दर्शन का सौभाग्य शहरवासियों को मिलने जा रहा है। एक अप्रैल की शाम 5:30 से 7:30 बजे तक ज्योतिर्लिंग के संरक्षित अवशेष बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन विद्यालय में मौजूद रहेंगे। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रवि शंकर ने सोमनाथ मंदिर में प्राचीन खंडित शिवलिंग पुनर्स्थापना की पहल की थी। 1026 ई में महमूद गजनवी ने आक्रमण कर मंदिर को नष्ट कर दिया था। पुजारियों द्वारा एक हजार वर्षों से संरक्षित ज्योतिर्लिंग अवशेषों को अब पुनर्स्थापित किया जाएगा। संस्था के मीडिया कोआर्डिनेटर पुनीत अवस्थी ने बताया कि विभिन्न शोधों के अनुसार अति विशिष्ट चुंबकीय गुणों वाले ज्योतिर्लिंग के अवशेष पृथ्वी के नहीं हैं। ज्योतिर्लिंग के पवित्र अवशेष नि:शुल्क होंगे।

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