नई दिल्ली, जुलाई 9 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को निर्देश दिया कि वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) पर गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटने के लिए 2.65 करोड़ रुपये से ज्यादा का पर्यावरण मुआवजा लगाने की प्रक्रिया पूरी करे। इससे पहले एनजीटी ने एक समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट में कहा गया था कि 1,300 एकड़ के परिसर में चंदन के सात पेड़ों समेत कुल 33 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया था। इसके बाद पिछले साल अगस्त में एनजीटी ने मामले का निपटारा करते हुए यूपीपीसीबी को पर्यावरणीय जुर्माने का आकलन करने और तीन महीने में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बाद में अधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अनुपालन याचिका दायर की थी。

एनजीटी का आदेश एन...