वाराणसी, जून 6 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय, बीएचयू ने अपनी प्राकृतिक संरचना के संरक्षण के लिए पहली बार 'ट्री सेंसस' (वृक्ष गणना) कराई है। 1360 एकड़ में फैले परिसर के कोने-कोने में लगे नए और दशकों पुराने पेड़ों की न सिर्फ गणना की गई बल्कि इनकी नस्ल, समूह और आयु का आकलन करते हुए जिओ टैगिंग भी कराई गई है। इसे 'ट्रीज ऑफ बीएचयू' नामक पुस्तक में संकलित किया गया है। यह भी पढ़ें- फ्लैग: विश्व पर्यावरण दिवस जनपद भर में हुआ विश्व पर्यावरण पर पौधरोपण अभियान पेड़ों की गणना शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा की मौजूदगी में पुस्तक का लोकार्पण किया। बीएचयू की स्थापना के दौरान ही महामना मालवीय ने अधिग्रहीत क्षेत्र के पेड़-पौधों को न हट...