वाराणसी, जनवरी 20 -- बीएचयू की अनुशासन समिति ने पिछले साल के एक मामले में पांच छात्रों पर कार्रवाई की है। इनमें दो छात्रों को चेतावनी के साथ 10 घंटे की सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई है। यह पहली बार है कि विवि में किसी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में सामुदायिक सेवा का दंड लगाया गया है। पिछले वर्ष विद्वत परिषद की बैठक में छात्रों को सामुदायिक सेवा का दंड लगाने का निर्णय लिया गया था। प्रकरण 24 मई-2025 को सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन के प्रयास से जुड़ा है। मामले में जांच और सुनवाई के बाद बीएचयू की स्थायी समिति ने छात्र पुनीत मिश्रा और शिवम सोनकर को चेतावनी के साथ 10 घंटे सामुदायिक सेवा की सजा दी है। इन्हें रोज दो घंटे सामुदायिक सेवा करनी होगी। शिवम सोनकर वही छात्र है जिसने पीएचडी प्रवेश के लिए एक महीने कु...