वाराणसी, अगस्त 9 -- वाराणसी, विशेष संवाददाता। नौ अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने मुंबई में कांग्रेस कार्यसमिति की मीटिंग बुलाई थी। बैठक में लोगों को इस बात की पूरी उम्मीद थी कि गांधी जी किसी आंदोलन का आह्वान करेंगे। क्योंकि 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने के बाद अंग्रेजों ने कांग्रेस के नेताओं से आजादी के बारे में बातचीत करना बंद कर दिया था। कांग्रेस भी इस बारे में दुविधा में थी कि युद्ध में अंग्रेजों की मदद की जाए या विरोध। इसको लेकर कांग्रेस में भी मतभेद था। समाजवादी चिंतक विजय नारायण बताते हैं कि अंग्रेजों ने द्वितीय युद्ध में भारतीय सेना और संसाधनों का पूरा इस्तेमाल किया। इससे देश में नाराजगी थी। उधर, मुंबई में बैठक निर्धारित होने के बाद से ही कांग्रेस के अंदर जो लोग संघर्ष चाहते थे, उन्होंने जगह-जगह तैयारी शुरू कर दी थी। अंग्रे...