वाराणसी, अगस्त 6 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के आयुर्वेद संकाय में पदोन्नति को लेकर दाखिल याचिका पर बीएचयू से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अंतरिम आवेदन पर विचार से पहले विश्वविद्यालय को पक्ष रखने का मौका दिया जाना उचित होगा।

पदोन्नति का परिणाम साथ ही स्पष्ट किया कि इस बीच होने वाले किसी भी पदोन्नति का परिणाम इस याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने गत 21 फरवरी के अध्यादेश के खिलाफ दाखिल डॉ सुशील कुमार दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका के अधिवक्ता केआर सिंह का कहना है कि आयुर्वेद शिक्षा को मान्यता देने और नियंत्रित करने का अधिकार नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के पास है। एनसीआईएम एक्ट 2020 की धारा 55(2) के तहत बनाए गए...