वाराणसी, मार्च 11 -- वाराणसी। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने कहा कि देशभर में आयुष से जुड़े नए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना से इस क्षेत्र का भविष्य उज्ज्वल है। युवा चिकित्सकों को 'वैद्य' की उपाधि पर गर्व करना चाहिए और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसमें बीएचयू की अहम भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को आयुर्वेद संस्थान बनाने की जरूरत है, जिससे यहां इलाज के साथ ही आयुर्वेद के क्षेत्र में बेहतर शोध हो सकेगा। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में बुधवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के 29वें दीक्षांत एवं शिष्योपनयन संस्कार समारोह में वर्चुअल जुड़े केन्द्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार...