वाराणसी, सितम्बर 6 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। शिक्षक दिवस की चर्चा दार्शनिक और गुरु डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के नाम के साथ होती है। देश उन्हें दूसरे राष्ट्रपति के रूप में याद करता है, मगर बीएचयू उन्हें अपने चौथे कुलपति और महामना के उत्तराधिकारी के रूप में भी जानता है। डॉ. राधाकृष्णन ने 1939 से 1948 तक लगभग आठ साल चार महीने तक बीएचयू की कमान संभाली। यह भी पढ़ें- बीएचयू बने उप्र और बिहार का विकास इंजन : कुलपतिडॉ. राधाकृष्णन का कार्यकाल स्वतंत्रता आंदोलन और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय भी उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षा को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। एक प्रसंग यह भी है कि नई दिल्ली में एक आयोजन में छात्रों ने बीएचयू का कुलगीत गाया तो वह अपने स्थान पर खड़े हो गए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने छात्रों से मुलाकात भी की। बीएचयू के संस्थापक महामना पं. ...