वाराणसी, जुलाई 2 -- वाराणसी। बीएचयू में लंबे समय से की जा रही नियुक्तियों में पोस्ट डॉक्टोरल और पूर्व सेवा गणना की मांग अंतत: स्वीकार कर ली गई है। शिक्षकों की कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के अंतर्गत पदोन्नति प्रक्रिया में यूजीसी की ओर से 2018 में जारी गाइडलाइन को 18 जुलाई 2018 से मान्य कर दिया गया है। इस बदलाव का लाभ बीएचयू के 300 से ज्यादा शिक्षकों को मिलेगा। इनकी संख्या सबसे ज्यादा विज्ञान संस्थान में है। बीएचयू अब कैस पदोन्नति और सीधी भर्ती में पीएचडी के बाद किए गए पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कार्य, रिसर्च एसोसिएटशिप और सीएसआईआर, डीबीटी, डीएसटी, आईसीएमआर, आईसीएसएसआर और यूजीसी के फेलोशिप अनुभव को मान्यता देगा। यह भी पढ़ें- BHU : बीएचयू में प्रोफेसरों के प्रमोशन में जुड़ेंगे पोस्ट डॉक्टोरल और अनुभव, UGC के नियम हुए लागूपदोन्नति में नए परिवर्तन ब...