रांची, जुलाई 20 -- फोटो नोट: इसे नेट पर नहीं डालें - जापान के कोबे विश्वविद्यालय के साथ 2028 तक चलेगा शोध, डॉ. शुभा कर रही हैं नेतृत्व - कैंसर की शुरुआती पहचान और सटीक इलाज की राह खोलेगा बीआईटी मेसरा का यह शोध - शुरुआती पहचान, सटीक इलाज और नई दवाओं के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण अध्ययन श्रेयसी मिश्रा रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा के बायोइंजीनियरिंग एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्राध्यापक डॉ शुभा रानी शर्मा पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के कैंसर की रोकथाम और प्रभावी उपचार की दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण शोध कर रही हैं। जापान सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ साइंस (जेएसपीएस) के वित्तीय सहयोग से 2028 तक चलनेवाली इस परियोजना में वह कोबे विश्वविद्यालय, जापान के वैज्ञानिक डॉ ताकाओ असाई के साथ संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।

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