धनबाद, मार्च 29 -- बीआईटी सिंदरी के धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग में शनिवार को डीकार्बोनाइजेशन और हरित नवाचार पर केंद्रित धात्विका-26 का भव्य उद्घाटन किया गया। इस दौरान प्रो. कीर्ति माधवी ने इंजीनियरों की भूमिका और उनके निर्णयों का पृथ्वी के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया। कार्यक्रम में सेल बर्नपुर के सीजीएम जितेंद्र कुमार और आईआईएम जमशेदपुर के वैज्ञानिक व मानद सचिव डॉ. गोपी किशोर मंडल मुख्य रूप से उपस्थित थे। प्रशिक्षण व प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. घनश्याम ने नेट जीरो की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्सर्जन और कार्बन के अवशोषण के बीच संतुलन ही नेट जीरो है। इस अवसर पर निदेशक डॉ. पंकज राय ने शैक्षणिक पाठ्यक्रम को वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानव का विकल्प नह...