हिन्दुस्तान ब्यूरो, मार्च 23 -- बिहार के थानों में जीरो एफआईआर पर पुलिस मुख्यालय जीरो टॉलरेंस तेवर अपना रहा है। थानों में जीरो एफआईआर को लेकर अब किसी तरह का टालमटोल या कोई बहाना नहीं चलेगा। पुलिस मुख्यालय ने बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 173 के तहत थानों में जीरो एफआईआर दर्ज करने से लेकर उसके स्थानांतरण, निगरानी एवं दस्तावेजीकरण को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित कर दी है। जीरो एफआईआर से संबंधित डेटाबेस मेंटेन करने के लिए राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) को नोडल इकाई बनाया गया है। किसी थाना के भौगोलिक क्षेत्राधिकार के बाहर घटित अपराध की सूचना को थाना में पंजीकृत करने को जीरो एफआईआर कहा जाता है। इसका उद्देश्य पीड़ित की सूचना अविलंब दर्ज करना और कार्रवाई में लगने वाले समय को कम करना है। बिहार के पुलिस महान...