नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- Bihar News: अप्रैल की उस तपती दोपहर की कल्पना कीजिए, जब सूरज आग उगल रहा हो और अचानक आसमान का रंग गहरा स्लेटी होकर डराने लगे। धूल का गुबार ऐसा उठे कि सामने का रास्ता दिखना बंद हो जाए और फिर शुरू हो बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ओलावृष्टि का तांडव। बिहार में इसी खौफनाक मंजर को 'काल बैसाखी' कहा जाता है, जो अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम का यह यू-टर्न कोई सामान्य बदलाव नहीं है, बल्कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर-पश्चिमी चक्रवातीय सिस्टम ( Cyclonic System) के मिलन का नतीजा है। अगले 24 घंटे बिहार के लिए बेहद संवेदनशील हैं, क्योंकि प्रकृति ने अपने तेवर पूरी तरह बदल लिए हैं।19 जिलों पर 'येलो अलर्ट' का साया मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहा...