नई दिल्ली, जनवरी 20 -- राज्य में भूमि से जुड़े मामलों में लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या को दूर करने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाने की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे रैयत हैं, जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में लिखे हुए हैं। इस लिपि को पढ़ने और समझने वाले विशेषज्ञों की कमी के कारण आम लोगों को दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से कैथी लिपि विशेषज्ञों का एक पैनल तैयार किया जा रहा है। इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पुराने दस्तावेजों का सटीक और प्रमाणिक अनुवाद कर सकें। सरकार का उद्देश...