हिंदुस्तान संवाददाता, मई 5 -- Bihar News: बिहार के यूनिवर्सिटीज में वित्तीय कामकाज और हिसाब-किताब को लेकर एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। राज्य के 11 प्रमुख विश्वविद्यालयों पर कुल 604.20 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र यानि यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट लंबित पाया गया है। करोड़ों रुपये का हिसाब न मिलने पर राजभवन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और संबंधित विश्वविद्यालयों को जल्द से जल्द यूसी जमा करने का अल्टीमेटम दिया है।कुलाधिपति की बैठक में खुली पोल बीते 30 मार्च को कुलाधिपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक में यह चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की है, जिसके पास सबसे अधि...
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