हिन्दुस्तान ब्यूरो, फरवरी 27 -- बिहार में सीएजी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कई विभागों में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2019 से 2022 के बीच चार जिले में 21 ऐसे परिवार को आवास स्वीकृत हुआ, जिनके पास पहले से पक्का मकान था। इन्हें 24.30 लाख का भुगतान हुआ। वहीं, नाबालिग को भी आवास स्वीकृत हुआ, जिनके माता-पिता जीवित है। इन्हें ढाई लाख का भुगतान हुआ। सीएजी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक तरफ जहां अपात्र लोगों को आवास का लाभ दिया गया, वहीं कई पात्र परिवार भी इसके लाभ से वंचित रह गये।परिवहन विभाग में करोड़ों का नुकसान परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मियों की लापरवाही के कारण सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। गुरुवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार पटना और गोपालगंज...
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