पटना, जुलाई 24 -- बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग में गबन के बड़े खेल का खुलासा हुआ है बिना सड़क या नदी के ही पूर्वी चंपारण के बेतौना और अररिया के थापकोल गांव में पुल बना दिया गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक परीक्षक(सीएजी) की ओर से गुरुवार को बिहार विधानसभा में पेश रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। इन दोनों पुलों पर सरकारी खजाने के 3 करोड़ 30 लाख रुपये बर्बाद हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी चंपारण के बेतौना गांव की नोनिया टोली में श्याम जी महतो के घर के नजदीक पुल का निर्माण किया गया। इसके दोनों ओर 125 मीटर और 120 मीटर लंबाई वाली संपर्क सड़क का निर्माण होना था। संपर्क पथ के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। परंतु, ग्रामीणों ने इस अधिग्रहण का विरोध शुरू कर दिया। इस कारण संपर्क पथ के अभाव में 2018 में बने पुल का आठ साल बाद भी उपयोग शुरू नहीं ...