हिन्दुस्तान ब्यूरो, सितम्बर 8 -- बिहार के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ से जुड़े पशुपालकों को अब दूध बिक्री की राशि का अधिक दिनों तक इंतजार नहीं करना होगा। अब बिके दूध की कीमत दूध उत्पादकों के बैंक खाते में सीधे चली जाएगी। कॉम्फेड के आठ संघों से प्राथमिक स्तर पर दूध उत्पादक संघों को राशि जाने के बदले सीधे दूध उत्पादक के खाते में राशि जाएगी। इसके लिए प्राथमिक दुग्ध उत्पादक संघ दूध विक्रेताओं की सूची सभी आठ संघों को उपलब्ध करा देगा। सूची में संबंधित बिक्रेताओं के बैंक खाते का ब्योरा भी रहेगा। कॉम्फेड ने इस नई व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। प्रथम चरण में इस माह के अंत तक आठों संघों के माध्यम से सभी जिलों से जुड़े पांच हजार दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के 50 हजार दूध उत्पादकों के खाते में राशि जाने लगेगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 22 हजार 416 दुग...