नई दिल्ली, मार्च 2 -- बिहार के सरकारी स्कूलों की सुस्ती से कक्षा एक से 10 तक के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के ब्योरे (नाम, पिता के नाम, आधार आदि) में गलतियां अब तक नहीं सुधारी जा सकी हैं। छात्र-छात्राओं के डाटा में सुधार नहीं होने पर पोशाक, छात्रवृत्ति, साइकिल आदि योजनाओं से बच्चे वंचित रह जायेंगे। चालू सत्र 2025-26 में 2.52 लाख से अधिक विद्यालयों के ब्योरे (डाटा) में गलतियां हैं, जबकि 2024-25 सत्र के दो लाख से अधिक बच्चों के डाटा गलत हैं। ई शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों के डाटा की गलती सुधारने के लिए शनिवार (28 फरवरी) तक अंतिम मौका था। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधकारियों (योजना एवं लेखा) को डाटा सुधारने की हिदायत दी थी। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 2025-26 सत्र के 75 प्रतिशत उपस्थिति व...