पटना, जुलाई 22 -- निजी विवि स्थापित करने वाले यदि भवन, आधारभूत संरचना और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आश्वासन देते हैं तो राज्य सरकार उसे एक शैक्षणिक सत्र के लिए औपबंधिक रूप से विश्वविद्यालय संचालित करने की अनुमति दे सकेगी। यदि निर्धारित अवधि के दौरान प्रायोजक निकाय आशय पत्र में तय शर्तों का पालन नहीं करता है, तो प्रोविजनल अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी। विधानसभा ने बुधवार को निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 पर सहमति प्रदान कर दी। इसके पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि हम ऐसी व्यवस्था करना चाहते हैं, जिससे हमारे बच्चे उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाएं। इसी को ध्यान में रखकर सरकार निजी विश्वविद्यालयों को लेकर गंभीर हैं। आवश्यकतानुसार उनकी संख्या बढ़ाने की योजना है। वे बुधवार को विधानसभा में निजी विश्व...