नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- रिंकू झा, पटना। बिहार में सार्वजनिक शौचालयों की कमी और गंदगी महिलाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। इस वजह से उन्हें घंटों पेशाब रोककर काम करने की मजबूरी का सामना करना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है। सेफ और साफ सार्वजनिक शौचलयों के नहीं होने से पुलिसकर्मी, शिक्षिकाएं और दुकानों और निजी कार्यालयों में काम करने वालीं महिलाएं इसकी चपेट में हैं। यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ बिहार चैप्टर के अध्ययन में जनवरी 2025 से अगस्त 2026 के बीच छह मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचीं 3.56 लाख महिलाओं में से दो लाख में किडनी संबंधी समस्याएं सामने आईं। अध्ययन में लंबे समय तक पेशाब रोकने को इन समस्याओं से जुड़ा पाया गया है। इसकी वजह यह है कि जब महिलाएं घर से बाहर निकलती हैं तो शौचालय के आभाव में अपनी शारीरिक गतिविधियों...