जमशेदपुर, जून 11 -- बिष्टूपुर सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को हवन यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ विश्राम हो गया। यज्ञ स्थल पर पुरोहित सीताराम शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी अनुष्ठान संपन्न कराए। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप और व्यासपीठ की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूर्णाहुति के बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथावाचक सीताराम शास्त्री ने कृष्ण और सुदामा की मित्रता की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जहां मित्रता होती है, वहां मतलब नहीं होता। मनुष्य को कृष्ण-सुदामा से सीखना चाहिए कि जीवन में मित्रता कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सुदामा की कथा सुनाते हुए बताया कि सुदामा ने कृष्ण के चने खा लिए थे, जिसके कारण उन्हें दरिद्रता का सामना करना पड़ा। पत्नी के कहने पर चावल की प...