पाकुड़, जून 20 -- महेशपुर, एक संवाददाता। पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत चंडालमारा पंचायत के चंडालमारा गांव में मनरेगा योजनाओं के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024-25 में तरुण पाल की एक एकड़ बंजर भूमि उपजाऊ भूमि के रूप में परिवर्तित हो गई। यह न केवल तरूण पाल की आजीविका का आधार बनी, साथ ही गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन गई है।तरुण पाल की भूमि लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी थी। ग्राम सभा में प्रस्तावित होने के बाद पंचायत स्तर पर योजना स्वीकृत हुई और मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत एक एकड़ जमीन में कार्य प्रारंभ कराया गया। योजना के संचालन में उनके परिवार सहित स्थानीय ग्रामीण मजदूरों की सहभागिता ने भी तरूण पाल के सपनों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हुई।

सिंचाई कृप बना जीवनरेखा योजना...