लातेहार, अप्रैल 20 -- मनीष उपाध्याय लातेहार संवाददाता । मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ हरित विकास को बढ़ावा देना है, अब गंभीर अनियमितताओं के कारण सवालों के घेरे में आ गई है। विभागीय प्रावधान के अनुसार किसी एक इकाई जैसे एक एकड़ बागवानी में सभी कार्यों को मिलाकर अधिकतम 570 मानव-दिवस ही स्वीकृत हैं, ताकि योजना का लाभ संतुलित रूप से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। लेकिन लातेहार जिले के कई प्रखंडों में इस निर्धारित सीमा को दरकिनार करते हुए मानव-दिवस को कई गुना तक बढ़ाकर दिखाया गया है। महात्मा गांधी नरेगा आयुक्त, रांची के पत्र (संख्या 338, दिनांक 12 मार्च 2026) के आधार पर की गई प्रारंभिक समीक्षा में चंदवा और सरयू को छोड़ अधिकांश प्रखंडों में इस प्रकार की गड़बड़ी सामने आई ...