लखनऊ, अगस्त 20 -- -आयोग में सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों ने दिए शपथपत्र, देरी पर जताया खेद लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश में स्मार्ट मीटर की निर्धारित लागत से अधिक वसूली और कास्ट डाटा बुक के प्रावधानों के उल्लंघन मामले में गुरुवार को विद्युत नियामक आयोग में हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने बिजली कंपनियों के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। प्रदेश की पांचों कंपनियों के प्रबंध निदेशकों ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर शपथपत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने 92231 उपभोक्ताओं से अधिक वसूले गए 32 करोड़ 75 लाख रुपये बिजली बिलों में लौटाए जाने की जानकारी दी। सुनवाई के दौरान सामने आया कि पावर कारपोरेशन के आदेश के बावजूद करीब 75 फीसदी यानी 2 लाख 80 हजार से अधिक कनेक्शन नॉन स्मार्ट मीटर के दिए गए थे।

आयोग की सख्त टिप्पणी आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय क...