रायबरेली, जुलाई 11 -- रायबरेली,संवाददाता। बारिश के बीच बिजली विभाग के संविदाकर्मियों की जिंदगी संकट में बनी रहती है। अक्सर यह बिना सुरक्षा किट खंभे पर नंगे पांव ही बिजली फाल्ट ठीक करते नजर आते हैं। इस लापरवाही से एक साल में तकरीबन छह कर्मियों की मौत भी हो चुकी है। जिले के 54 बिजली उपकेंद्रों में 700 कर्मचारी तैनात हैं। इनकी सुरक्षा के नाम पर मोटी रकम वसूलकर कंपनियां डकार रही हैं। जबकि पावर कारपोरेशन का दावा है कि प्रदेश के सभी कर्मियों की सुरक्षा पर 25 करोड़ खर्च हुए लेकिन किसी भी बिजली घर पर सीढ़ी तक उपलब्ध नहीं है। इससे ये लोग परेशान होते हैं। जबकि विभाग हर बिजली घर के साथ ही कर्मचारियों को सुरक्षा किट दिए जाने का दावा कर रहा है।

बिजली विभाग के कर्मचारियों की स्थिति जिले में संविदा और आऊटसोर्सिंग के बिजली कर्मचारी जान हथेली पर रखकर फाल्...