लखनऊ, जनवरी 10 -- पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदले जाने और उसके बाद बिना उपभोक्ता की सहमति के प्रीपेड कर दिए जाने के खिलाफ उपभोक्ता परिषद केंद्र जाएगा। परिषद ने कहा है कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) के मुताबिक यह उपभोक्ताओं का अधिकार है कि वह प्रीपेड या पोस्टपेड जैसा चाहे वैसा मीटर चुने। उसे प्रीपेड मीटरों के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उपभोक्ता परिषद चेक मीटर के तौर पर छोड़े गए पुराने मीटरों के रीडिंग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब तक लगभग 37.43 लाख स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदला जा चुका है। यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने मीटर बदलने की योजना देते हुए उपभोक्ताओं में विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पांच प्रतिशत पुराने म...