लखनऊ, जनवरी 20 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। उपभोक्ताओं की बिना सहमति के मीटर प्रीपेड किए जाने का मामला नियामक आयोग जाएगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे कानून का उल्लंघन बताते हुए आयोग में मंगलवार को याचिका दायर करने की बात कही है। प्रदेश में लगभग 61 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 47 लाख स्मार्ट मीटरों को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड कर दिया गया है। जानकारों के मुताबिक यह विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि लोकमहत्व याचिका में नियामक आयोग से मांग की जाएगी कि वह बिजली कंपनियों द्वारा की जा रही इस एकतरफ और अवैधानिक कार्रवाई पर रोक लगाए। आयोग से मांग की जाएगी कि बिना सहमति के जिन 47 लाख उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं...
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