लखनऊ, फरवरी 4 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पटरी के दुकानदारों के हित में बड़ा आदेश देते हुए कहा है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के तहत जब तक टाउन वेंडिंग कमेटी शहर का सर्वेक्षण पूरा नहीं कर लेती व इस संबंध में स्ट्रीट वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी नहीं कर देती, तब तक किसी भी वर्तमान पटरी की दुकान को न हटाया जाए, बशर्ते वे यातायात के सुचारु रूप से चलने में बाधा न बन रही हों। न्यायालय ने मामले को तीन माह पश्चात सूचीबद्ध करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस दौरान नगर निगम, लखनऊ को वेंडिंग प्लान बनाने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके कुमार चौधरी की खंडपीठ ने अमीनाबाद के पटरी दुकानदारों अमर कुमार सोनकर व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने कहा कि जब तक विधि अनुसार सर्वेक्षण पूरा नहीं हो जाता, राज्य सरकार द्वारा व...
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