नई दिल्ली, फरवरी 27 -- जिस कथित शराब घोटाले की वजह से आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को महीनों जेल में बिताना पड़ा, उन आरोपों की अदालत में धज्जियां उड़ गईं। अदालत ने सीबीआई की दलीलों को चकनाचूर करते हुए कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। ना सिर्फ सबको क्लीनचिट मिल गई, बल्कि 'शराब घोटाले' के आरोपों को ही निराधार कर दिया। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) केस में चार्जशीट को बेहद कमजोर और सूबतों के अभाव का हवाला देकर अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। राउस एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था।अदालत ने कहा- कोई सबूत नहीं, केस बंद अदालत ने अरविंद केजरीवाल और उनके दाएं हाथ मनीष सिसोदिय...