बिना वैध सबूत शादी को कानूनी मान्यता नहीं, हिमाचल HC की दो टूक; बताया साबित करने के लिए क्या जरूरी
शिमला, अगस्त 6 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह की कानूनी वैधता और साक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बिना वैध सबूत या कानून से मान्यता प्राप्त विवाह की रस्मों के किसी रिश्ते को कानूनी विवाह नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल "पूर्ण न्याय" के नाम पर साक्ष्य अधिनियम के नियमों से हटकर किसी दस्तावेज या सामग्री को सबूत के रूप में स्वीकार करना न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला ने यह फैसला देशराज बनाम रोशन लाल और अन्य मामले की सुनवाई के बाद सुनाया। अदालत ने निचली अपीलीय अदालत का फैसला रद्द करते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल कर दिया। यह मामला ऊना जिले के निवासी गरीबू की संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़ा था। गरीबू की 22 मई 1980 को मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद भागो ...
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