बागपत, अक्टूबर 4 -- जिलेभर में बिना रजिस्ट्रेशन ट्रैक्टर का कमर्शियल उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। खेती के उपयोग के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर से बालू और ईंटें ढोई जा रही हैं। इससे परिवहन विभाग को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के टैक्स का फटका लग रहा है। ट्रैक्टर मालिक परिवहन विभाग को कमर्शियल उपयोग के बावजूद टैक्स नहीं दे रहे हैं। अब तो सवारियों के परिवहन में भी ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग होने लगा है। इसके बावजूद परिवहन विभाग आंखे मूंदे है। किसान ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग खेती के लिए करते हैं तो उन्हें परिवहन विभाग को पंजीकरण के अलावा टैक्स देने की जरूरत नहीं होती है। यदि इनका व्यावसायिक उपयोग होगा तो उन्हें टैक्स देना होगा। बागपत कृषि प्रधान जिला होने की वजह से यहां बड़ी संख्या में ट्रैक्टर हैं और वे खेती के लिए ही पंजीकृत हैं। इसमें कुछ ट्रैक्टर ही ...