रणविजय सिंह, नवम्बर 15 -- दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट में शामिल कार कई हाथों में बेची गई थी। इतने हाथों में बेचे जाने के बाद भी उसका मालिकाना हक पूर्व मालिक के नाम पर ही रहा। इस खुलासे ने पुराने वाहनों की खरीद फरोख्त के मामलों में एक गंभीर खामी को उजागर किया है। इस मामले को लेकर व्यापारियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड इन इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया है कि दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में सेकंड हैंड गाड़ियां बिना मालिकाना हक के दौड़ रही हैं। इस मुद्दे पर सख्त ऐक्शन लिया जाना चाहिए।बिना मालिकाना हक के दौड़ रहीं एक तिहाई से ज्यादा गाड़ियां चैंबर ऑफ ट्रेड इन इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि दिल्ली और देश में एक तिहाई से ज्यादा सेकंड हैंड वाहन अभी भी अपने मूल खरीददार के ...