बिना मंजूरी व्हाट्सएप ग्रुप बनाना कॅरियर खत्म करने का आधार नहीं
नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) का एक आदेश रद्द कर दिया। संस्थान ने एक प्रोफेसर को इसलिए जबर्दस्ती रिटायर कर दिया था कि उसने बिना अनुमति पूर्व छात्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। हाईकोर्ट ने कहा कि संस्थान की मंजूरी बिना व्हाट्सएप ग्रुप बनाना किसी शानदार कॅरियर को खत्म करने का आधार नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रोफेसर डॉ. स्वपन गरैन को दी गई सजा गलत और बहुत ज्यादा थी। अंग्रेज बैरिस्टर और जज लॉर्ड डिप्लोक का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि 'अखरोट तोड़ने के लिए आप हथौड़े का इस्तेमाल नहीं कर सकते।' यह भी पढ़ें- WhatsApp पर ग्रुप बनाने की वजह से जा सकती है नौकरी? हाई कोर्ट ने क्या कहा जस्टिस एम. एस. कार्निक और संदेश पाटिल की पीठ ने हाल ही के अपने फैसले में कहा कि प्रोफेसर पर एकमा...
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