नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- बिना बुनियादी ढांचे के ट्रिब्यूनल कैसे काम करेंगे? सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह टिप्पणी करते हुए केंद्र को निर्देश दिया कि वह एनसीएलटी अध्यक्ष से सलाह करके नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की पीठ के लिए तुरंत जरूरी सुविधाओं की पहचान करे। ट्रिब्यूनल को सरकार की जीवनरेखा (लाइफलाइन) बताते हुए, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) प्रमुख पीठ बार एसोसिएशन को सभी क्षेत्रीय पीठों पर बुनियादी ढांचा से जुड़ा डेटा एक टेबल के रूप में इकट्ठा करने का आदेश भी दिया। पीठ ने टिप्पणी की कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के ट्रिब्यूनल कैसे काम करेंगे? वे हर दिन हजारों करोड़ रुपये से जुड़े मामलों को देखते हैं। यह भी पढ़ें- 'इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं हो...