लखनऊ सुशील सिंह, मई 24 -- निकेल और आर्सेनिक जैसे जहरीले तत्वों की बढ़ती मात्रा हमारे शरीर के लिए बड़ा खतरा हैं। यह पानी मधुमेह यानी शुगर के खतरे को बढ़ा रहा है। बिना फील्टर का पानी पीने वाले और धूम्रपान के लत वाले शुगर रोगियों में ये निकेल और आर्सेनिक ज्यादा मात्रा में मिले हैं। ये तत्व शरीर में इंसुलिन बनाने व इसके इस्तेमाल में रुकावट डालते हैं। इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। ये तथ्य लोहिया संस्थान के बायोकेमिस्ट्री और जनरल मेडिसिन विभाग के संयुक्त शोध में मिले हैं। शोध में टाइप टू डायबिटीज के 473 रोगी और 303 स्वस्थ लोगों किया गया है। शोध को अमेरिका के प्रतिष्ठित जर्नल बायोलॉजिकल ट्रेस इलीमेंट रिसर्च ने मान्यता दी है। शोध में यह भी बताय गया है कि इस खतरे को कैसे कम किया जा सकता है। क्या खाने पीने से इंसुलीन बनने की प्रक्रिया बेहतर ह...