लखनऊ, जून 12 -- राजधानी में प्राइवेट अस्पताल बिना पंजीकरण चल रहे हैं। इसके बावजूद अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हालात यह है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत बिना पंजीकरण अस्पताल में मरीज भर्ती करने पर 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। कई मामलों में जांच के बाद भी अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हुई। हरदोई निवासी महेश के 18 वर्षीय बेटे सूरज के हादसे में पैर जख्मी होने के बाद उसे निजी अस्पताल से दुबग्गा स्थित निजी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद ऑपरेशन के लिए दूसरे अस्पताल ले गए। फिर वापस उसी हॉस्पिटल में लाकर भर्ती किया। इस दौरान परिजनों को मरीज से मिलने तक नहीं दिया गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार ने शिकायत की थी। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी...