कानपुर, जनवरी 29 -- कानपुर। डायबिटीज मरीजों की किडनी कितनी स्वस्थ है, इसका पता अब बिना दर्द मूत्र की जांच से पता चल सकेगा। इससे समय रहते किडनी का इलाज कर मरीजों को स्वस्थ किया जा सकेगा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस एंड बायोटेक्नोलॉजी की शोधार्थी शताक्षी चतुर्वेदी ने डिवाइस विकसित की है। इस डिवाइस के साथ उन्होंने एक ऐसे बायोमार्कर की पहचान की है जो किडनी रोग का संकेत देता है। विवि की शोधार्थी शताक्षी चतुर्वेदी ने बताया कि यह शोध रोल ऑफ एक्सोसोम इन डायगनोसिस एंड थेराप्युटिक इंटरवेंशन इन डायबिटिक किडनी इंजरी पर किया है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीजों में अक्सर किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है। लेकिन, समय पर इसके लक्षण सामने नहीं आते, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। इस शोध में एक्सोसोम नामक सू...