उन्नाव, मार्च 8 -- उन्नाव। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी और बिना जांच-पड़ताल की गई कार्रवाई का खामियाजा एक निर्दोष सचिव को भुगतना पड़ा। जिस गुनाह से सचिव का कोई लेना-देना नहीं था, उसी के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया। मामला पेंशन सत्यापन में एक जीवित महिला को मृत दिखाने से जुड़ा है, लेकिन ट्विस्ट यह है कि जिस ग्राम पंचायत का यह मामला था वहां संबंधित सचिव की कभी तैनाती ही नहीं रही। नाम की समानता ने बिगाड़ा खेलनिलंबित सचिव रंजीत सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनके पास मौजूद पेंशन सूची में नाहाराना पत्नी बिंदा (ग्राम रामनगर, पंचायत जेरा, जाति एससी) का नाम था, जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उन्हें नियमानुसार मृत दिखाया गया। दूसरी ओर, शिकायत महराना पत्नी बिंदा (ग्राम तनगापुर, पंचायत पत्योलादासी, जाति ओबीसी) की थी, जो जीवित हैं और उनक...