रांची, मई 29 -- रांची, संवाददाता। न्यायायुक्त की अदालत ने एक मामले में दीपा देवी और मंजू देवी के खिलाफ 8 जुलाई 2017 को जारी गैर-जमानती वारंट का आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने समन और जमानती वारंट की तामिला रिपोर्ट सुनिश्चित किए बिना ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। मामला लोअर बाजार थाना कांड संख्या 70/2014 से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी के फरार होने या जानबूझकर अदालत से बचने की संतुष्टि दर्ज किए बिना गैर-जमानती वारंट जारी नहीं किया जा सकता। अदालत ने मोहम्मद रुस्तम आलम बनाम झारखंड राज्य मामले का हवाला देते हुए आदेश को अवैध माना। साथ ही दोनों आरोपियों को एक सप्ताह में निचली अदालत में उपस्थित होकर ट्रायल में सहयोग करने का निर्देश दिया।

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