गौरीगंज, जून 29 -- अमेठी। संवाददाता जिले के ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप का जाल फैला हुआ है। हालात यह है कि हर बाजार में एक निजी क्लीनिक और गांव-गांव बिना डिग्री व पंजीकरण वाले झोलाछाप इलाज करते मिल जाते हैं। खुलेआम मरीजों को इंजेक्शन, ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जाती है। साथ ही गंभीर बीमारियों का भी बिना जांच उपचार किया जा रहा है। झोलाछाप प्रसव तक कराने में कोई दिक्कत नहीं महसूस करते हैं। स्वास्थ्य महकमा कभी कभार जांच कर नोटिस भेज देता है। लेकिन उनकी कार्रवाई का कोई खास असर नहीं दिखता है。 यह भी पढ़ें- परचून की दुकान पर इलाज कर रहे झोलाछापकम पैसे में उपचार से फैल रहा व्यापार ग्रामीण मरीजों का कहना है कि घर के पास उपचार, कम फीस, उधार की सुविधा आदि की व्यवस्था के कारण वह झोलाछाप के पास पहुंच जाते हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, भीड़...