एटा, अप्रैल 24 -- मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित मेहता पार्क प्रशासनिक उपेक्षा और कार्यदायी संस्था की लापरवाही का जीवंत प्रमाण बना हुआ है। पार्क के सौंदर्यीकरण का काम पिछले 03 वर्षों से चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार ने कछुआ गति को भी पीछे छोड़ दिया है। ​मेहता पार्क पुनरुद्धार के नाम पर सबसे बड़ा आघात पार्क की ऐतिहासिक विरासत पर किया गया है। देश आजादी के समय की बनी सफेद पत्थर के 36 खंबों वाली आकर्षक पुरानी बारहद्वारी को बिना किसी दूरदर्शी वजह के तुड़वाकर फेंक दिया गया। पुरानी नक्काशीदार बारहद्वारी की जगह जो नई बारहद्वारी बनाई जा रहा रही है, वह क्षेत्रफल के साथ कला और सौंदर्य के लिहाज से भी बेहद अशोभनीय बनाई जा रही है। यह भी पढ़ें- बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं बनेगा पैन कार्ड स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क में पुरानी बारहद्वारी बेहद आकर्षक थ...