लखनऊ, जुलाई 27 -- केजीएमयू के चिकित्सा शिक्षकों के लिए अब किसी भी बाहरी परीक्षा में परीक्षक, पर्यवेक्षक या अन्य शैक्षणिक दायित्व निभाना आसान नहीं होगा। केजीएमयू प्रशासन ने साफ किया है बिना शासन की पूर्व अनुमति (एनओसी) के कोई भी चिकित्सा शिक्षक किसी परीक्षा या शैक्षणिक कार्य में शामिल नहीं हो सकेगा। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है। केजीएमयू में करीब 600 चिकित्सा शिक्षक हैं। कई बार शिक्षक बिना पूर्व अनुमति के शैक्षिक गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। ऐसे शिक्षकों पर अब शिकंजा सकेगा। कुलसचिव ने फरमान जारी किया है। मेडिकल, दंत एवं नर्सिंग संकाय के अधिष्ठाताओं तथा सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षक किसी भी पाठ्यक्रम या परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन करने से पहले शासन से पूर्व अनुमति प्र...