चक्रधरपुर, अप्रैल 7 -- मनोहरपुर। सरकारी मद का दुरुपयोग कैसे होता है और कैसे योजना निर्माण के बाद सरकारी भवन खंडहर में तब्दील हो जाता है, इसका नजारा देखना है तो आप मनोहरपुर प्रखंड में घूम कर देख सकते हैं। मनोहरपुर में ऐसे कई योजनाओं को धरातल पर बनाया गया है, जिसका न तो आजतक उपयोग हुआ है, न ही किसी अधिकारी ने इस मामले पर संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की है। ये योजनाएं रुपए की बर्बादी का सबसे बड़ा उदाहरण है। इनमें से जुड़े ज्यादातर मामले स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हुए हैं। जराइकेला के नावाडीह में बना उप स्वास्थ्य केंद्र खंडहर हो गया है। मनोहरपुर सीएचसी में बना ऑक्सीजन प्लांट जो बिना किसी संचालक व बिना उपयोग के ऐसे ही पड़ा हुआ है। एक मामला मनोहरपुर प्रखंड के कोलपोटका पंचायत अंतर्गत धानापाली गांव में देखने को मिला है। यहां 14 साल पहले बने उप स्वास्थ्य क...
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