लखनऊ, जून 20 -- बिना उपभोक्ताओं को सुने नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) पर बकाया उपभोक्ताओं की रकम को पुनरीक्षित करने के नियामक आयोग के आदेश पर आपत्ति उठाई गई है। तर्क दिए गए हैं कि जब टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में उपभोक्ता सुनवाई का हिस्सा था, तो उसी टैरिफ आदेश को पुनरीक्षित करते वक्त उन्हें क्यों नहीं सुना गया? यह भी पढ़ें- इस शहर के ढाई लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका, बिल पर मिलने वाली 10 प्रतिशत रियायत हो सकती है खत्मबकाया राशि का समायोजन अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश के आदेश के बाद नियामक आयोग ने एनपीसीएल का पांच साल का टैरिफ पुनरीक्षित कर दिया। इसके मुताबिक नोएडा पावर कंपनी पर उपभोक्ताओं की बकाया राशि में 907 करोड़ रुपये समायोजित कर दिए गए हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि इस फैसले का उपभोक्ताओं पर विपरीत असर पड़ेगा। अभी तक ...