प्रयागराज, जून 27 -- प्रयागराज। गोवंशों की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गोवंश की देखरेख और पालन-पोषण के लिए तमाम योजनाएं हैं जिनमें बजट भी जारी किया जाता है लेकिन अफसरों की उदासीनता के चलते सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि आश्रय स्थलों में गोवंश बीमार हैं, आए दिन उनकी मौत भी होती रहती है, वहीं बात अगर पशु चिकित्सालय की करें तो इनके ऑपरेशन थिएटर में अफसरों ने कब्जा कर रखा है जबकि उनके बैठने के लिए दूसरी जगह निर्धारित है, यह हाल तो प्रयागराज का है। अगर बात मंडल की करें तो प्रतापगढ़ और कौशाम्बी की स्थिति भी अच्छी नहीं है, कहीं दवा-संसाधन नहीं है तो कहीं जर्जर भवन में अस्पताल चल रहा है। पेश है मंडल के तीनों जिलों के पशु चिकित्सालय के हालात पर यह रिपोर्ट...

प्रयागराज : 49 अस्पताल और डॉक्टर 38 प्रय...