हमीरपुर, जनवरी 23 -- हमीरपुर, संवाददाता। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हिचकोले खाते रहते हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मिले उपकरणों की हालत ठीक है, लेकिन ज्यादातर उपकरण इस्तेमाल में नहीं है। दूसरी तरफ जांच मशीनों की गड़बड़ी से मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जहां उनसे मनमानी वसूली की जाती है। महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड भी ज्यादातर ठप रहता है। रेडियोलॉजिस्ट के मेडिकल लीव में जाने के कारण महिलाओं को प्राइवेट पैथोलॉजी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे मरीजों को आशा कार्यकर्ता भी खूब प्राइवेट पैथोलॉजी का रास्ता दिखाती हैं। जिला अस्पताल में वर्तमान समय में एक्सरे से लेकर सीबीसी की सभी जांचें हो रही हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों की प्राइवेट पैथोलॉजी में भी भीड़ देखी जा रही है। एक...
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