बुलंदशहर, जनवरी 29 -- जहांगीरपुर के भुन्ना जाटान निवासी आयुष के बिजली की चपेट में आकर हाथ झुलस गए थे। अब उनका चयन तिरंदाजी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए हुआ है। जिसके बाद से परिवार के लोगों के बीच खुशी का माहौल है। भुन्ना जाटान गांव निवासी भगवान सिंह ने बताया कि उनके तीन बेटे थे। जिसमें सबसे बड़ा बेटा हरेंद्र नौकरी के चलते वर्ष 2015 में ही गुरुग्राम रहने चला गया। मंझला बेटे नरेंद्र की कुछ साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई। वहीं सबसे छोटा बेटा गौरव नोएडा में नौकरी करता है। गांव में केवल भगवान सिंह और और उनकी पत्नी विमलेश रहती हैं। वह पशु पालन करते है। त्योहारों पर हरेंद्र और गौरव परिवार के साथ गांव में आते रहते हैं। हरेंद्र के दो बेटे हैं। जिसमें 12 वर्षीय मयंक और छह वर्षीय आयुष हैं। जुलाई 2024 को हरेंद्र अपने परिवार के साथ गांव में आए थ...